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प्राचीन भारत का इतिहास पार्ट .3 हर्यक वंश के किस शासक को कुणिक कहा जाता था - अजातशत्रु को। किस शासक ने गंगा और सोन नदियों के संगम पर पाटलिपुत्र नामक नगर की स्थापना की - उदयिन ने। उज्जैन का प्राचीन नाम क्या था - अवन्तिका । प्राचीन भारत में पहला विदेशी आक्रमण किसके द्वारा किया गया था - ईरानियो द्वारा। प्राचीन भारत में दूसरा विदेशी आक्रमण एवं पहला यूरोपीय आक्रमण किनके द्वारा किया गया - यूनानियों के द्वारा। सिकंदर ने भारत पर आक्रमण कब किया -326 ई 0 पू 0 मगध की प्रथम राजधानी कौन सी थी - गिरिब्रज / राजग्रह । सोहल महाजनपदो की सूची है - अंगूत्तर निकाय मे। किस शासक द्वारा सर्वप्रथम पाटलीपुत्र का राजधानी के रूप में चयन किया था - उदयिन द्वारा। भारत में सिक्को / मुद्रा का प्रचलन कब हुआ -600 ई 0 पू 0 किस शासक ने अवंति को जीतकर मगध का हिस्सा बना दिया - शिशुनाग । कौन एक बौद्ध ग्रथ सोलह महाजनपदो का उल्लेख करता है - अंगुत्तर निकाय । जैन परम्परा के अनुसार जैन धर्म में ...

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प्राचीन भारत का इतिहास पार्ट .3 जैन धर्म - जैन धर्म के अधिष्ठाता या अवतार तीर्थकर कहलाते है  जैन श्रुतियों के अनुसार तीर्थकरो की कुल संख्या 24 है। पहले तीर्थकर का नाम ऋषभदेव या ऋषभनाथ या आदिनाथ तथा 24 वे व अंतिम तीर्थकर का नाम महावीर स्वामी था। ऋग्वेद में दो जैन तीर्थकरो ऋषभदेव एवं अरिष्टनेमि का नाम उल्लेखित है। महावीर स्वामी का जन्म 540 ई0पू0 में कुण्डग्राम मे हुआ था , ये जांत्रिय नामक क्षत्रिय कुल के थे। कुण्डग्राम -वैशाली के निकट जिला बिहार में आता है , यह महावीर स्वामी का जन्म स्थल है। महावीर के पिता का नाम सिद्धार्थ था। महावीर स्वामी की माता का नाम त्रिशला था। महावीर स्वामी का बचपन का नाम वर्धमान था। महावीर स्वामी की पत्नि का नाम यशोदा था। महावीर स्वामी की पुत्री का नाम अन्नोजा (प्रियदर्शनी) थी। कल्पसूत्र के अनुसार महावीर स्वामी ने 12 वर्ष तक सन्यासी का जीवन व्यतीत किया । 42 वर्ष की आयु में उन्हे ज्ञान की प्राप्ति हुई -जुम्भिकग्राम के निकट उज्जुवालिया (ऋजुपालिका) नदी के तट पर एक पुराने मन्दिर के साल के वृक्ष के नीचे उन्हे कैवल्य की प्राप्ति हुई थी।  ...

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प्राचीन   भारत   का   इतिहास   पार्ट  -2 हडप्पा सभ्यता का प्रशासन दो राजधानी नगरो -हडप्पा व मोहनजोदड़ो से संचालित होता था। सिन्धु प्रदेश के लोगो के शासन को किसने (मध्यवर्गीय जनतंत्रात्मक शासन) कहा -मार्टिन विहीलर ने कहा था। हडप्पा ओर मोहनजोदड़ो की तुलना अरब शासको की दो राजधानी नगरो ‘‘मुल्तान व मसूरा ’’से किसने की -मार्टिन विहीलर ने की थी। भारत में वास्तुकला का आरम्भ सिन्धु वासियो ने किया था। वास्तुकला भवनो के निर्माण की एक कला है। सिन्धु सभ्यता एक नगरीय सभ्यता थी। सिन्धु सभ्यता के वास्तुकला के उदा0 है- पुरोहित आवास, विशाल जलाश्य, अन्नागार, बृहत स्नानागार , गोदिबाडा बंदरगाह, सभा भवन। बृहद स्नानागार -यह मोहन जोदड़ो का प्रसिद्ध स्मारक है। इसका निमार्ण दुर्ग क्षेत्र में हुआ है और यह ईटों से निर्मित है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सिन्धु सभ्यता की सबसे बड़ी ईमारत है।  भारत में चित्रकला का आरम्भ -पाषाण काल में हो गया था। सिन्धु कालीन चित्रकला का नमूने...

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प्राचीन भारत का इतिहास 1.      हडप्पा सभ्यता का सर्वाधिक मान्यता प्राप्त काल है-2500 ई0-1750 ई0 तक माना जाता है। 2.      सिन्धु सभ्यता का विस्तार -पंजाब ,राजस्थान ,गुजरात ,उत्तर प्रदेश , हरियाणा ,सिंध और बलुचिस्तान तक था।   3.      हडप्पा सभ्यता कास्य युग की थी। 4.      हडप्पा काल मे मुद्रा के निर्माण में कौन से पदार्थ का प्रयोग किया जाता था-सेलखडी का प्रयोग किया जाता था।   5.      सिधु घाटी स्थल कालीबंगन-राजस्थान में था ,यहा हल से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिलते है। 6.      हडप्पा सभ्यता के निवासी शहरी होते थे। 7.      सिंधु सभ्यता के लोगो के घर ईट से बने होते थे।   8.      हडप्पा वासी ने सर्वप्रथम कपास का उत्पादन किया था।   9.      हडप्पा सभ्यता का सर्वप्रथम खोजकर्ता -दयाराम साहनी थे (1921 ) में।   10. सिन्धुघाटी के लोग माप तौल से परिचित थे-यह खोज हु...